menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २८९
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
व्यस्ते काले पुनश्चैति न चैति वहुशो द्विजः |  ६   क
दुर्लभ्यमपि चैवान्नं दीय़तामिति सोऽव्रवीत् ||  ६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति