menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २५७
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
दुःखश्चाय़ं वने वासो मृगय़ाय़ां च जीविका |  ९   क
हिंसा च मृगजातीनां वनौकोभिर्वनौकसाम् |  ९   ख
ज्ञातिभिर्विप्रवासश्च मिथ्या व्यवसितैरय़म् ||  ९   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति