शान्ति पर्व  अध्याय २५९

द्युमत्सेन उवाच

ममेदमिति नास्यैतत्प्रवर्तेत कलौ युगे |  ६   क
लोकय़ात्रा न चैव स्यादथ चेद्वेत्थ शंस नः ||  ६   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति