menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २५९
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
कुम्भकर्णमथोवाच तथैव प्रपितामहः |  २८   क
स वव्रे महतीं निद्रां तमसा ग्रस्तचेतनः ||  २८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति