menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय ८५
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
इत्युक्तः स वसिष्ठेन जामदग्न्यः प्रतापवान् |  ६८   क
ददौ सुवर्णं विप्रेभ्यो व्यमुच्यत च किल्विषात् ||  ६८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति