menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ३०८
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
इच्छाद्वेषभवैर्दुःखैः प्रकर्षो यत्र जाय़ते |  ८५   क
तत्र या नृपते वृत्तिस्तत्प्रय़ोजनमिष्यते ||  ८५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति