menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय २६
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
किं नु श्रेय़स्करं कर्म भवेदिति विचिन्तय़न् |  १३   क
इतो वा विनिवर्तेय़ं गच्छेय़ं वा युधिष्ठिरम् ||  १३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति