menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय २६१
chevron_left
chevron_right
कपिल उवाच
विशोका नष्टरजसस्तेषां लोकाः सनातनाः |  ४   क
तेषां गतिं परां प्राप्य गार्हस्थ्ये किं प्रय़ोजनम् ||  ४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति