वन पर्व  अध्याय २६१

मार्कण्डेय़ उवाच

ततो वनं गते रामे राजा दशरथस्तदा |  २९   क
समय़ुज्यत देहस्य कालपर्याय़धर्मणा ||  २९   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति