menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २६१
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
स चारित्रं विशोध्याथ सर्वप्रकृतिसंनिधौ |  ३४   क
अन्वय़ाद्भ्रातरं रामं विनिवर्तनलालसः ||  ३४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति