menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २६१
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
हतेषु तेषु रक्षःसु ततः शूर्पणखा पुनः |  ४४   क
यय़ौ निकृत्तनासोष्ठी लङ्कां भ्रातुर्निवेशनम् ||  ४४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति