menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २६२
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
रामस्तस्याः प्रिय़ं कुर्वन्धनुरादाय़ सत्वरः |  १८   क
रक्षार्थे लक्ष्मणं न्यस्य प्रय़यौ मृगलिप्सय़ा ||  १८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति