menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २६२
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
इत्युक्त्वा सा प्ररुदती पर्यशङ्कत देवरम् |  २५   क
हता वै स्त्रीस्वभावेन शुद्धचारित्रभूषणम् ||  २५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति