menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २६३
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
हरणं चैव वैदेह्या मम चाय़मुपप्लवः |  २८   क
राज्यभ्रंशश्च भवतस्तातस्य मरणं तथा ||  २८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति