menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २६३
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
ततोऽस्य दक्षिणं वाहुं खड्गेनाजघ्निवान्वली |  ३४   क
सौमित्रिरपि सम्प्रेक्ष्य भ्रातरं राघवं स्थितम् ||  ३४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति