menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २२८
chevron_left
chevron_right
धृतराष्ट्र उवाच
मृगय़ा शोभना तात गवां च समवेक्षणम् |  ६   क
विश्रम्भस्तु न गन्तव्यो वल्लवानामिति स्मरे ||  ६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति