menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १४८
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
मय़ा धन्यतरो नास्ति यदार्यं दृष्टवानहम् |  २   क
अनुग्रहो मे सुमहांस्तृप्तिश्च तव दर्शनात् ||  २   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति