menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २६४
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
तस्यास्तद्वचनं श्रुत्वा राक्षस्यस्ताः खरस्वनाः |  ५२   क
आख्यातुं राक्षसेन्द्राय़ जग्मुस्तत्सर्वमादितः ||  ५२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति