menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
विराट पर्व
अध्याय १८
chevron_left
chevron_right
द्रौपद्यु उवाच
दूय़ामि भरतश्रेष्ठ दृष्ट्वा ते भ्रातरं प्रिय़म् |  २६   क
गोषु गोवृषसङ्काशं मत्स्येनाभिनिवेशितम् ||  २६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति