menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १७८
chevron_left
chevron_right
सर्प उवाच
ततो मे विस्मय़ो जातस्तद्दृष्ट्वा तपसो वलम् |  ४२   क
व्रह्म च व्राह्मणत्वं च येन त्वाहमचूचुदम् ||  ४२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति