menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २६८
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
राजर्षय़श्च निहता रुदन्त्यश्चाहृताः स्त्रिय़ः |  १४   क
तदिदं समनुप्राप्तं फलं तस्यानय़स्य ते ||  १४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति