menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय २७
chevron_left
chevron_right
सिद्ध उवाच
यावदस्थि मनुष्यस्य गङ्गातोय़ेषु तिष्ठति |  ३१   क
तावद्वर्षसहस्राणि स्वर्गं प्राप्य महीय़ते ||  ३१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति