menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय २७
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
सर्ववृत्तान्ततत्त्वज्ञो भवान्दिव्येन चक्षुषा |  ४   क
युक्तः पश्यसि देवर्षे गतीर्वै विविधा नृणाम् ||  ४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति