सभा पर्व  अध्याय २७

वैशम्पाय़न उवाच

स काशिराजं समरे सुवन्धुमनिवर्तिनम् |  ६   क
वशे चक्रे महावाहुर्भीमो भीमपराक्रमः ||  ६   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति