menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय ७२
chevron_left
chevron_right
व्रह्मो उवाच
यत्स्यादिष्ट्वा राजसूय़े फलं तु; यत्स्यादिष्ट्वा वहुना काञ्चनेन |  २८   क
एतत्तुल्यं फलमस्याहुरग्र्यं; सर्वे सन्तस्त्वृषय़ो ये च सिद्धाः ||  २८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति