menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
विराट पर्व
अध्याय २७
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
तस्मात्तत्र निवासं तु छन्नं सत्रेण धीमतः |  २७   क
गतिं वा परमां तस्य नोत्सहे वक्तुमन्यथा ||  २७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति