menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय २७
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
तथा विक्षोभ्यमाणा सा पार्थेन तव वाहिनी |  १७   क
व्यदीर्यत महाराज नौरिवासाद्य पर्वतम् ||  १७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति