menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय २७
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
ततः स शरजालेन महताभ्यवकीर्य तौ |  २७   क
चोदय़ामास तं नागं वधाय़ाच्युतपार्थय़ोः ||  २७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति