menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ५९
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
एकस्य च प्रसादेन कृत्स्नो लोकः प्रसीदति |  १०   क
व्याकुलेनाकुलः सर्वो भवतीति विनिश्चय़ः ||  १०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति