menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय २७
chevron_left
chevron_right
कर्ण उवाच
स्ववीर्येऽहं पराश्वस्य प्रार्थय़ाम्यर्जुनं रणे |  २८   क
त्वं तु मित्रमुखः शत्रुर्मां भीषय़ितुमिच्छसि ||  २८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति