menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ३१५
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
दिव्यं ते चक्षुरुत्पन्नं स्वस्थं ते निर्मलं मनः |  २८   क
तमसा रजसा चापि त्यक्तः सत्त्वे व्यवस्थितः ||  २८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति