menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २७२
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
रावणिस्तु यदा नैनं विशेषय़ति साय़कैः |  १२   क
ततो गुरुतरं यत्नमातिष्ठद्वलिनां वरः ||  १२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति