menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २७२
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
सोऽङ्गदेन रुषोत्सृष्टो वधाय़ेन्द्रजितस्तरुः |  १८   क
जघानेन्द्रजितः पार्थ रथं साश्वं ससारथिम् ||  १८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति