menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २२०
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
रुद्रेणाग्निं समाविश्य स्वाहामाविश्य चोमय़ा |  ९   क
हितार्थं सर्वलोकानां जातस्त्वमपराजितः ||  ९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति