menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २७३
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
अनेन स्पृष्टनय़नो भूतान्यन्तर्हितान्युत |  ११   क
भवान्द्रक्ष्यति यस्मै च भवानेतत्प्रदास्यति ||  ११   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति