menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २७३
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
निर्याणे स मतिं कृत्वा निधाय़ासिं क्षपाचरः |  ३३   क
आज्ञापय़ामास तदा रथो मे कल्प्यतामिति ||  ३३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति