menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १८०
chevron_left
chevron_right
भृगुरु उवाच
तं पूर्वापररात्रेषु युञ्जानः सततं वुधः |  २८   क
लघ्वाहारो विशुद्धात्मा पश्यत्यात्मानमात्मनि ||  २८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति