menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २७४
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
तस्य देहाद्विनिष्क्रान्ताः शतशोऽथ सहस्रशः |  ६   क
राक्षसाः प्रत्यदृश्यन्त शरशक्त्यृष्टिपाणय़ः ||  ६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति