menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २७५
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
स हत्वा रावणं क्षुद्रं राक्षसेन्द्रं सुरद्विषम् |  १   क
वभूव हृष्टः ससुहृद्रामः सौमित्रिणा सह ||  १   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति