menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २७५
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
राजपुत्र न ते कोपं करोमि विदिता हि मे |  २२   क
गतिः स्त्रीणां नराणां च शृणु चेदं वचो मम ||  २२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति