वन पर्व  अध्याय २७५

व्रह्मो उवाच

वधार्थमात्मनस्तेन हृता सीता दुरात्मना |  ३२   क
नलकूवरशापेन रक्षा चास्याः कृता मय़ा ||  ३२   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति