menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २७७
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
व्रह्मचर्येण शुद्धेन दमेन निय़मेन च |  १२   क
सर्वात्मना च मद्भक्त्या तुष्टास्मि तव पार्थिव ||  १२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति