सौप्तिक पर्व  अध्याय १३

वैशम्पाय़न उवाच

स ददर्श महात्मानमुदकान्ते यशस्विनम् |  १३   क
कृष्णद्वैपाय़नं व्यासमासीनमृषिभिः सह ||  १३   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति