menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २७८
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
तस्य पुत्रः पुरे जातः संवृद्धश्च तपोवने |  १०   क
सत्यवाननुरूपो मे भर्तेति मनसा वृतः ||  १०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति