menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २८
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
कुरूनपि हि यः सर्वान्हन्तुमुत्सहते प्रभुः |  २२   क
त्वत्प्रसादं प्रतीक्षंस्तु सहतेऽय़ं वृकोदरः ||  २२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति