menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २८
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
श्यामं वृहन्तं तरुणं चर्मिणामुत्तमं रणे |  ३०   क
नकुलं ते वने दृष्ट्वा कस्मान्मन्युर्न वर्धते ||  ३०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति