menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
उद्योग पर्व
अध्याय २८
chevron_left
chevron_right
युधिष्ठिर उवाच
धर्मेश्वरः कुशलो नीतिमांश्चा; प्युपासिता व्राह्मणानां मनीषी |  ९   क
नानाविधांश्चैव महावलांश्च; राजन्यभोजाननुशास्ति कृष्णः ||  ९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति