menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय ६७
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
तं हस्तिकक्ष्याप्रवरं च वाणैः; सुवर्णमुक्तामणिवज्रमृष्टम् |  १२   क
कालप्रय़त्नोत्तमशिल्पिय़त्नैः; कृतं सुरूपं वितमस्कमुच्चैः ||  १२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति