menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय २८
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
अदृष्टपूर्वा या नार्यो भास्करेणापि वेश्मसु |  ७१   क
ददृशुस्ता महाराज जना यान्तीः पुरं प्रति ||  ७१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति