menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय २८
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
अहमेको विमुक्तस्तु भाग्ययोगाद्यदृच्छय़ा |  ७७   क
विद्रुतानि च सर्वाणि शिविराणि समन्ततः ||  ७७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति